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मानसून को लेकर उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन

-सीएम धामी ने की मॉनिटरिंग
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को प्रदेश के सभी 13 जिलों में राज्य स्तरीय मानसून मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की।
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़, बादल फटना, अतिवृष्टि, भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी संभावित आपदाओं की परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से पूरी मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्य सरकार का मानना है कि उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, जहां मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लगातार बना रहता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बादल फटने और सड़क मार्ग बाधित होने की घटनाएं आम हैं, जबकि मैदानी इलाकों में बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती है। ऐसे में आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अलग-अलग जिलों में विभिन्न आपदा परिदृश्यों का अभ्यास किया गया, जिसमें फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, घायलों को प्राथमिक उपचार देना, राहत शिविर स्थापित करना और संचार व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने जैसी गतिविधियां शामिल रही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉक ड्रिल की समीक्षा करते हुए कहा कि आपदा के समय सबसे महत्वपूर्ण पहलू रिस्पांस टाइम होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जाएं और प्रभावित लोगों तक कम से कम समय में सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि तकनीक और आधुनिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए मानसून सीजन हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। इस बार भी मौसम विभाग की ओर से सामान्य से अधिक बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से लेकर राज्य स्तर तक आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी अलर्ट मोड में है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए है। सीएम धामी ने चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में लाखों श्रद्धालु यात्रा पर पहुंच रहे है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से अपील की कि वे मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी अलर्ट व एडवाइजरी का पालन करते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

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