-शातिर गिरफ्तार
देहरादून। पुलिस ने आंध्र प्रदेश के अंतर्राज्यीय चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 50 लाख रूपये के जेवरात व अन्य दस्तावेज बरामद कर लिये। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आज यहां इसकी जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि एम्स आवासीय परिसर निवासी रविन्द्र तिवारी द्वारा कोतवाली ऋषिकेश पर लिखित तहरीर देकर अवगत कराया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके आवास का ताला तोड़कर घर में रखे सोनेकृचाँदी के आभूषण एवं 60 हजार रूपये नकद चोरी कर लिए गए हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को घटना के शीघ्र खुलासे एवं गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशाकृनिर्देश देते हुये प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए, घटनास्थल के आसपास आने जाने वाले मार्गो पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को चैक किया गया। पुलिस द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासो से मिली सूचना पर काली माता मंदिर, सात मोड़, देहरादून रोड ऋषिकेश के पास से मंडलपु शिवा अंजनेयुलू पुत्र मंडलपु कोटेश्वर राव, निवासी मेन रोड, ओप्पो रामालयम, एडलापाडु, जनपद गुंटूर, आंध्र प्रदेशर्, को गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से एक काले रंग का पिट्ठू बैग से भारी मात्रा में सोनेकृचाँदी के आभूषण, तीन आधार कार्ड, चोरी में प्रयुक्त पेचकस एवं अन्य सामान बरामद हुआ। बरामद ज्वैलरी के सम्बन्ध में पूछताछ में उसके द्वारा उक्त ज्वैलरी को ऋषिकेश एम्स तथा राजकोट गुजरात में की गयी 02 अलगकृअलग घटनाओं में चोरी करना बताया गया। पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि वह गंगा स्नान के लिये हरिद्वार तथा ऋषिकेश आया था तथा े एम्स ऋषिकेश स्थित आवासीय परिसर में रेकी के उपरान्त उसके द्वारा एक बन्द घर का ताला अपने पास रखे पेचकस से तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद उसके द्वारा 27 जुलाई को उसने गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी इसी प्रकार चोरी की घटना कारित की थी। उसके द्वारा बताई गई सूचना का गुजरात पुलिस से सत्यापन कराया गया, जिसमें उक्त घटना के सम्बन्ध में राजकोट के थाना प्रघुम्ननगर में मुकदमा दर्ज होना ज्ञात हुआ। गिरफ्तार आरोपी बेहद शातिर किस्म का अपराधी है जो बीमारी के बहाने अस्पताल परिसरों में घूमकर बन्द घरों की रैकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। पुलिस से बचने कि लिये उसके द्वारा अपने अलगकृअलग नाम एवं विवरण वाले आधार कार्ड बनाये गये थे जिनका उपयोग वह चोरी से पूर्व होटलों, धर्मशालाओं आदि में ठहरने के लिए करता था। पूछताछ में उसका पूर्व में भी आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा एवं गुंटूर में चोरी के मामलों में जेल जाना प्रकाश में आया है। अन्य राज्यों से भी उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।




