-सदन की कम अवधि का राग अलापने वाले विपक्ष के पास कम पड़ गए सवाल
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने गैरसैंण सत्र मे देर रात्रि तक चर्चा तथा बजट पारित करने लिए सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया है और इसे राज्य के विकास मे एक और शानदार प्रयास बताया। चौहान ने कहा कि गैरसैंण सत्र मे सार्थक चर्चा और सीएम पुष्कर सिंह धामी के सामूहिकता के भाव का ही प्रतिफल है कि विकसित राज्य की और अग्रसर उत्तराखंड विकास के नये आयाम गढ़ेगा। बजट से बेहतर उम्मीद उम्मीद जगी है।
उन्होंने विपक्ष के रुख पर भी तंज कसते हुए कहा कि सत्र की समयावधि कम होने का हल्ला मचाने वाले विधायकों के पास सवालों की कमी पड़ गयी और इससे उनकी मंशा और भी सामने आ गयी।
चौहान ने उम्मीद जताई कि अब तक की इस सबसे अधिक बजट राशि से विकसित होते उत्तराखंड को रफ्तार मिलेगी। अलग अलग विभागों के लिए आवंटित राशि से जनकल्याण योजनाओं का लाभ जनता को मिलेगा। गैरसैण सिर्फ ग्रीष्मकालीन राजधानी ही नहीं बल्कि प्रदेशवासियों के जन भावनाओं का केंद्र भी है। ऐसे में वहां पर बजट सत्र का सभी विषयों पर व्यापक एवं सफल चर्चा के साथ पूर्ण होना बेहद संतोष की अनुभूति देने वाला है। ये बहुत अच्छी पहल है कि देर रात तक बजट पर दोनों पक्षों द्वारा खुलकर चर्चा की गई।
उन्होंने सत्र के दौरान विपक्ष के रवैया पर भी सवाल खड़े किए। क्योंकि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जिस तरह विपक्ष का व्यवहार किया, उसे किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता है। महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान भी विपक्षी सदस्य शोरगुल और नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस विधायकों द्वारा सड़क जैसे व्यवहार को सदन में किया गया वह संवैधानिक प्रक्रिया की गरिमा गिराने वाला था।
चौहान ने सत्र को लेकर विपक्ष पर गंभीर रुख नहीं अपनाने का आरोप लगाया। सत्र को लेकर कांग्रेसी तैयारी पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि यही लोग सत्र की अवधि कम होने का रोना रो रहे थे। लेकिन 5 दिन के सत्र के लिए भी प्रश्नकाल के लिए आए कुल सवालों का एक तिहाई सवाल भी वे नहीं जुटा पाए। जबकि जागरुक विपक्ष होने के नाते और सत्र का समय कम होने के आरोप के चलते तो उन्हें बहुत अधिक सवाल पूछे जाने चाहिए थे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, हमें तो मालूम है कि कांग्रेस पूरी तरह से मुद्दाविहीन और जन सरोकारों से दूर हो चुकी है, लेकिन सदन के माध्यम से एक बार फिर जनता ने भी उनकी हालत देख ली है। आज स्थिति यह है कि कांग्रेस का मकसद प्रदेश की तस्वीर बदलना नहीं, सिर्फ और सिर्फ हंगामा करना है।
चौहान ने कहा कि 5 दिन मे 41 घंटे 10 मिनट चला सत्र ऐतिहासिक है। सीएम धामी सामूहिकता के भाव से सबको साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के पक्षधर माने जाते हैं। राज्य के लिए समर्पिंत यह दृष्टिकोण निश्चित रूप से राज्य को आगामी दशक का श्रेष्ठ राज्य के रूप मे स्थापित करेगा।




