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सावन में सूनी बाबा केदार की नगरी

-तीसरे दिन भी नहीं शुरू हो सकी यात्रा

रुद्रप्रयाग। सावन का महीना गुरूवार से शुरू हो गया है। किन्तु बाबा केदार का धाम सूना पड़ा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और पहाड़ों से हो रहे भूस्खलन के चलते केदारनाथ धाम यात्रा लगातार तीसरे दिन भी शुरू नहीं हो सकी। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग गौरीकुंड के निकट तथा छोड़ी क्षेत्र में भारी भूस्खलन और बोल्डर गिरने के कारण बंद पड़ा है। वहीं सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग पर मुंकटिया के पास लगातार पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से आवाजाही बाधित हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार गौरीकुंड के निकट पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें पैदल मार्ग पर आ गई हैं। जिससे यात्रा पूरी तरह रोक दी गई है। गौरीकुंड में पहाड़ी से आया मलबा एक अस्थायी दुकान में भी घुस गया। हालांकि, इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। छोड़ी क्षेत्र में भी लगातार पत्थर गिरने से मार्ग अत्यंत जोखिमपूर्ण बना हुआ है।
सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक रखा है। पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू किए जाने का निर्णय लिया जाएगा।
उधर, सावन माह में सामान्यतः श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहने वाली बाबा केदार की नगरी इन दिनों वीरान नजर आ रही है। लगातार बारिश और यात्रा स्थगित होने के कारण धाम में सन्नाटा पसरा हुआ है। मंदिर परिसर में केवल सीमित संख्या में पुजारी, तीर्थ पुरोहित और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ही मौजूद है।
बदरी-केदार मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा पर निकलने से पहले प्रशासन द्वारा जारी मौसम और यात्रा संबंधी अपडेट अवश्य देखें। उन्होंने कहा श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित परिस्थितियां बनने के बाद ही केदारनाथ धाम की यात्रा करें। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार हो रही बारिश के बीच एक बार फिर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। सोनप्रयाग के समीप पहाड़ी से लगातार बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने के कारण प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस, एसडीआरएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पूरी तरह मुस्तैद हैं। प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही पहाड़ी से पत्थर गिरना बंद होगा और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा। उसके बाद ही यात्रा दोबारा शुरू कराई जाएगी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पूर्णतः पालन करें।

 

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