#देहरादून। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह को काले झंडे दिखाने जा रहे दो छात्र नेताओं को पुलिस ने रास्तें में रोककर हिरासत में ले लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे से पहले श्रीनगर गढ़वाल में पुलिस ने आइसा से जुड़े दो छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए छात्रों में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविघालय के छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल और वर्तमान विश्वविघालय प्रतिनिधि युवराज सिंह शामिल हैं। दोनों छात्र नेता अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग को लेकर अमित शाह को काले झंडे दिखाने के लिए देहरादून जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें सुबह हिरासत में ले लिया। छात्र नेताओं की हिरासत पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और सीपीआई (एमएल) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का प्रयास बताया। मैखुरी ने कहा कि अमित शाह की सरपरस्ती वाली सरकार की पुलिस विरोध के स्वरों को खामोश करने में जुटी है। उन्होंने दोनों छात्र नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। मैखुरी ने कहा कि हिरासत और धरपकड़ से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने समर्थकों और साथियों से छह नवंबर को सुबह 10 बजे देहरादून के गांधी पार्क पहुंचने और अमित शाह को काले झंडे दिखाने की अपील की है।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छह नवंबर को देहरादून पहुंच रहे हैं। भाजपा की ओर से आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत परेड ग्राउंड में पदयात्रा और जनसभा प्रस्तावित है। इसके अलावा शाह उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत करने के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके अलावा देहरादून में गृहमंत्री अमित शाह का गांधी पार्क से विरोध करने जा रहे अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच से जुड़े कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं गृहमंत्री अमित शाह के परेड मैदान आने के दौरान बीती रात्रि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गो बैक लिखा।डोईवाला में देहरादून एयरपोर्ट के समीप काले झंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट के पास आसमान में काले गुब्बारे छोड़े। अंकिता भंडारी के मामले में दुष्यंत गौतम की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।गृह मंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन व पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली थ। राज्योत्सव समारोह में उनकी मौजूदगी प्रदेश के स्थापना दिवस से जुड़े आयोजनों का प्रमुख आकर्षण रही।