हरिद्वार।
आस्था और श्रद्धा के महापर्व *कावड़ मेला 2026* जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व, सूझबूझ एवं समन्वय से सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 4 युवा कांवड़ियों के डूबने 2 कावड़ियों पर लोहे के गार्डर गिरने के साथ मौत ओर कुछ छुटपुट घटनाओं ने मेले पर दाग लगा दिया।
वरना बेहतर यातायात प्रबंधन के साथ अच्छी
पुलिसिंग के लिए यह कावड़ मेला लंबे
समय तक याद किया जाएगा।
इस बार करोड़ों शिवभक्तों ने हरिद्वार में गंगाजल लेकर
अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। इतनी विशाल
भीड़ को नियंत्रित करना और सभी को सुरक्षित
यात्रा कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं एसएसपी नवनीत भुल्लर ने मेले की शुरुआत से ही कमान संभाली ओर दिन रात हर मोर्चे पर स्वयं डटे रहे। हरकी पौड़ी से लेकर नारसन बॉर्डर तक लगातार भ्रमण कर उन्होंने पार्किंग , सुरक्षा, यातायात, सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का स्वयं निरीक्षण किया। विषम परिस्थितियों ओर भारी बारिश में भी दोनों अधिकारियों ने मोर्चे पर डटकर अपनी टीम का मार्गदर्शन किया।मेले के दौरान देर रात्रि तक पैदल गश्त कर कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों एवं स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाया ।
भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, खोया-पाया केंद्र, चिकित्सा शिविर एवं पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन की सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण इस वर्ष कावड़ियों व्यापारियों के टकराव जैसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। नगरीय क्षेत्र में व्यापारियों, स्थानीय निवासियों को आवागमन में परेशानी न के समान हुई।इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिसप्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं सभी स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग की सराहना की जा सकती है।



