-कांग्रेस पार्षदों ने फंूकी पिछले प्रस्तावों की प्रति
#हरिद्वार। सोमवार को नगर निगम हरिद्वार की बोर्ड बैठक टाउन हॉल में शुरू होते ही हंगामे की भंेट चढ़ गयी। बैठक शुरू होने से पहले मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद जैसे ही बोर्ड बैठक की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस पार्षदों ने पिछले बोर्ड बैठक में पारित प्रस्तावों पर काम नहीं होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा इतना बढ़ गया कि नाराज पार्षदों ने पुराने प्रस्तावों की प्रतियां सदन में ही जला दीं।
कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि बोर्ड की बैठकों में पारित किए जाने वाले प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि कई प्रस्ताव लंबे समय से लंबित हैं, जबकि पार्षदों की ओर से लगातार संबंधित समस्याओं को सदन के सामने रखा जा रहा है।
पार्षदों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली में भेदभाव का आरोप लगाते हुए विरोध जताया.टाउन हॉल में बैठक शुरू होने के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने पुराने प्रस्तावों की प्रतियां हाथों में लेकर विरोध किया। इसके बाद इन प्रतियों को सदन में ही जला दिया गया। हंगामे के बीच बैठक की कार्यवाही जारी रही। मौके पर मौजूद अन्य पार्षदों और नगर निगम अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। हालांकि बैठक से पूर्व मंत्री मदन कौशिक ने मनोनीत 12 पार्षदों को शपथ दिलाई।मेयर किरन जैसल और मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार की मौजूदगी शपथ ग्रहण होते ही मदन कौशिक चले गए। बता दें कि हरिद्वार नगर निगम बोर्ड में भाजपा के 45 पार्षद हैं, जबकि तीन पार्षद निर्दलीय हैं। शेष पार्षद कांग्रेस से हैं।
ऐसे में बोर्ड बैठक में कांग्रेस पार्षदों के विरोध के कारण सदन का माहौल काफी गरम रहा।
कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद उन पर कार्रवाई होना जरूरी है, केवल प्रस्ताव पारित करने तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रहनी चाहिए। इस दौरान भाजपा पार्षदों ने भी बंदर, आवरा पशु और सेनिटेशन समेत कई मुद्दों पर अधिकारियों को घेरने का प्रयास किया है।




