– नीट परीक्षा और पेपर लीक पर उठाए सवाल
‘मेहनत का मान करो, पेपर लीक पर रोक करो’ के नारों के साथ निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की उठी मांग
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि में युवा कांग्रेस एवं जिला कांग्रेस द्वारा छात्रों की समस्याओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं तथा नीट परीक्षा को लेकर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप कंडारी एवं युवा कांग्रेस के जिला महामंत्री सुमित रावत ने किया। इस दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी, वहीं कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम में छात्रों ने जोरदार नारों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मेहनत का मान करो, पेपर लीक पर रोक करो। छात्रों का एक ही नारा, निष्पक्ष हो हर परीक्षा हमारा। न्यायपूर्ण परीक्षा, उज्ज्वल भविष्य। पेपर लीक बंद करो, छात्रों का भविष्य सुरक्षित करो।
वक्ताओं ने कहा कि देश का युवा वर्षों की कठिन मेहनत और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, लेकिन बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवाद लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं न केवल छात्रों का मनोबल तोड़ती हैं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। सरकार और संबंधित एजेंसियों को ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोज रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र गोस्वामी, ब्लॉक अध्यक्ष हरीश गुसाईं, दीपा देवी, रजनी रावत, रजनी रोथान, युवा ब्लॉक अध्यक्ष प्रियांशु, नीरज राणा, निशांत बिष्ट, अनुज कपरवान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि छात्रों के हितों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर भविष्य में भी आवाज बुलंद की जाती रहेगी।




