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केदारनाथ धाम मार्ग पर पैदल यात्रा शुरू

रुद्रप्रयाग। मंगलवार से केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग पर चीरवासा के समीप क्षतिग्रस्त हिस्से पर पैदल आवाजाही सुचारु कर दी गई है। गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर आगे चीरवासा के पास पैदल मार्ग पर संबंधित कार्यदायी संस्था के श्रमिकों के साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं एसडीआरएफ के जवानों ने सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से की साफ-सफाई की। इसके बाद केदारनाथ धाम से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षा बलों की निगरानी में प्रभावित स्थान से सुरक्षित पार कराकर गौरीकुंड की ओर भेजा गया।
केदारनाथ धाम की यात्रा के बीच सोमवार को चीरबासा के समीप पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने और मलबा-पत्थर आने के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई थी। गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर ऊपर चीरबासा के पास पैदल मार्ग की स्थिति खतरनाक बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी थी और क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित बनाने के साथ मलबा एवं पत्थर हटाकर आवाजाही शुरू कर दी गई है। मौके पर जनपद पुलिस बल, जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) तथा कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के सक्षम कार्मिकों की निगरानी में श्रमिक मार्ग को खोलने में जुटे रहे। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए श्रमिकों को सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। चीरबासा में पैदल मार्ग बंद होने के कारण केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल सोनप्रयाग में रोक गया। बड़ी संख्या प्रशासन की प्राथमिकता मार्ग को जल्द खोलने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। मार्ग पर मलबा और पत्थर हटाने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही आसपास के संवेदनशील हिस्सों का भी निरीक्षण किया गया। सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग से आगे जाने की अनुमति दी गई है।
प्रशासन एवं पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम और पैदल मार्ग की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें और पुलिस-प्रशासन एवं सुरक्षा बलों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही यात्रा करें। मार्ग में किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने पर सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों को प्राथमिकता दें। प्रशासन की टीम मौके पर चल रहे कार्य को पूरा करने और मार्ग पर सुरक्षित रूप से आवागमन योग्य बनाने में जुटे रहे।

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